Thursday, October 16, 2014

नई तकनीक से निर्माण करे कम खर्चे में मजबूत घर, उपयोग में लाये सीमेंट (फ्लाई-ऐश) ईट |





मिट्टी से निर्मित लाल ईट का प्रयोग ना करे, और ना ही लाल ईट से निर्मित घर, फ्लैट कभी नहीं ख़रीदे ।

उपजाऊ मिट्टी से निर्मित लाल ईट में क्षार और अम्ल दोनों उपस्थित होते है जिसके कारण ये क्रियाशील होती है जिससे दिवार का रंग ख़राब होना, दिवार पर लिपाई का गिरना, दिवार पर पानी से सीलन आना, दिवार पर काली काई का आना, दिवार पर शैवाल आना, आदि समस्याओ की जड़ मिटटी से निर्मित लाल ईट ही है । 


फ्लाई ऐश ईट को ही सीमेंट ईट के नाम से जानते है । 

फ्लाई ऐश ईट का प्रोयोग करे ये पूर्णतः निष्क्रिय है ये न क्षार है और न ही अम्ल । 

फ्लाई ऐश ईट पानी नहीं सोखती जिससे लिपाई, पेंट, दिवार कुछ ख़राब नहीं होता ।

फ्लाई ऐश ईट पर लिपाई का खर्चा न के बराबर आता है । 

फ्लाई ऐश ईट की चिनाई में समय बहुत कम लगता है जिससे मजदूरी लगे न के बराबर । 

फ्लाई ऐश ईटो में टूट-फुट न के बराबर । 

फ्लाई ऐश ईट से निर्मित दीवार से तापमान न के बराबर स्थानांतरण होता है जो सर्दियों में रखे गर्म, गर्मियों में रखे ठंडा जिससे बिजली का खर्चा आये न के बराबर । (ए सी का बिल करे कम)

कितना भी पानी फ्लाई ऐश ईट पर डालो, वजन में कोई अंतर नहीं आएगा, जिससे घर बारिस में नहीं भारी होता और नहीं गिरता । 

फ्लाई ऐश ईट से निर्मित दिवार बहुत मजबूत होती है जिससे चोर दिवार नहीं तोड़ सकते । पडोसी दिवार फोड़ नहीं सकते । 

फ्लाई ऐश निर्मित चार दिवारी पर लिपाई की जरुरत नहीं, क्योकि वह बिना लिपाई के भी खूबसूरत लगती है और मजबूत होती ही है । 


फ्लाई ऐश की ईट से घर बनाये और घर में लाये खुशिया ही खुशिया । 

लाल ईट से निर्मित फ्लैट व घर कभी नहीं ख़रीदे, क्योकि मिट्टी का घर तो गिर जायेगा, ख़राब हो जायेगा, मेहनत की कमाई से पेंट, लिपाई, रिपेयर ही करवाते रहेंगे या खुछ और करोगे ?

फ्लाई ऐश ईट से ही अपना घर बनवाए और खुशिया ही खुशिया लाए, पर्यावरण बचाये । 

गुणवान फ्लाई ऐश ईट का उपयोग कर पर्यावरण को बचाये । 

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